एक ट्रिलियन डॉलर के ग्लोबल इंफेक्शस डिजीज ट्रस्ट फंड बनाने की आवश्यकता

एक ट्रिलियन डॉलर का महामारी कोष – स्वास्थ्य सुरक्षा के लिए एक वजिब खर्च, एएचएफ ने कहा

कोविड-19 से मुकाबले के लिए कम पैसे वाले, गैर सहकारी वैश्विक प्रयास के जवाब में एड्स हेल्थकेयर फाउंडेशन ने एक ट्रिलियन डॉलर के ग्लोबल इंफेक्शस डिजीज ट्रस्ट फंड बनाने की आवश्यकता बताई, इसकी स्थापना अगले एक दशक के दौरान होगी ताकि भविष्य के जन स्वास्थ्य संकट से लड़ा और रोका जा सके।
 
गुरुवार, 25 फरवरी, 2021 लॉस एंजिल्स, संयुक्त राज्य अमेरिका:
आने वाले कई वर्षों तक दुनिया कोविड-19 महामारी के दौरान सीखी गई बातों की चर्चा करती रहेगी पर इतना तो साफ है कि हम मुकाबले के लिए बिल्कुल तैयार नहीं थे और हमने कल्पना ही नहीं की थी कि इतने बड़े पैमाने पर ऐसी कोई संक्रामक बीमारी फैल जाएगी। इस महामारी की सीख यही है कि अगर कोई बड़ा, बुनियादी परिवर्तन नहीं किया गया तो भविष्य में दुनिया फिर ऐसी ही स्थिति का सामना करेगी।

एएचएफ यानी एड्स हेल्थकेयर फाउंडेशन (AHF) ने अगले 10 वर्षों के दौरान कम से कम एक ट्रिलियन डॉलर का ग्लोबल इंफेक्शस डिजीज ट्रस्ट फंड बनाने की अपील की है ताकि यह नई अंतरराष्ट्रीय सैनिटेरी व्यवस्था में एक निवेश के रूप में काम कर सके और व्यवस्था ऐसी हो जो बड़े पैमाने पर फैल सकने वाली महामारी का पता लगा सके, रोक सके और नियंत्रण कर सके। ग्लोबल फंड टू फाइट एड्स, टीबी और मलेरिया में सरकार, निजी क्षेत्र, नागरिक समाज और समुदाय सब एक दूसरे से जुड़े होते हैं। वैश्विक जन स्वास्थ्य के लिए फंडिंग का यह नया मॉडल शीघ्र आवश्यक है।

एएचएफ के प्रेसिडेंट माइकल वेंइनसटिन ने कहा, “दुनिया अब और इनकार में नहीं रह सकती है — हम तैयारी करने में नाकाम रहने का असर देख रहे हैं। और $1 ट्रिलियन की कीमत ज्यादा लग सकती है – बशर्ते आपको यह पता नहीं हो कि अमेरिका ने अकले गए एक साल में सिर्फ $16 ट्रिलियन की संपदा खोई है।” उन्होंने आगे कहा, “यह प्रस्तावित वैश्विक संक्रामक रोग ट्रस्ट कोष ऐसी व्यवस्था हो सकती है जो यह सुनिश्चित करे कि वह धन के मामले में पर्याप्त और जिम्मेदार जन स्वास्थ्य संस्थान हो ताकि जरूरत मंदों की सहायता की जा सके। यह दुनिया भर में कहीं भी जरूरतमंद के लिए काम आ सकता है। तात्कालिक कार्रवाई में अब और देरी नहीं होनी चाहिए – हम दुनिया भर के नेताओं से अपील करते हैं कि इस पहल को रोम में इस बार मई में होने वाले जी20 ग्लोबल हेल्थ सम्मेलन  (G20 Global Health Summit के एजंडा में सबसे ऊपर रखा जाए।

इस वैश्विक आपदा की स्थिति में भी जब दुनिया को इसकी जरूरत सबसे ज्यादा थी तब किसी भी वैश्विक संस्था की, दिखाई देने वाले प्रभावी नेतृत्व की अनुपस्थिति चिन्ताजनक रही है। ऐसी संस्था का नेतृत्व संयुक्त राष्ट्र और इसके विश्व स्वास्थ्य संगठन द्वारा किया जाना चाहिए था। यह जरूरी है कि दुनिया भर के नेता जी20 ग्लोबल हेल्थ समिट और वर्ल्ड हेल्थ असेम्बली (World Health Assembly) और किसी भी अन्य उपयुक्त फोरम से सर्वोच्च वैश्विक विकास प्राथमिकता के रूप में जुड़ें।

वेइंसटिन ने आगे कहा, “यह पूरी तरह साफ हो चुका है कि दुनिया को इस तरह की घातक शुरुआत से बचाने का मौजूदा ढांचा पर्याप्त नहीं है।” उन्होंने आगे कहा, “महामारी के वैश्विक आर्थिक प्रभाव को दशकों तक महसूस किया जाएगा — अब हमें वैश्विक जन स्वास्थ्य और अपनी आजीविका के भविष्य की रक्षा के लिए निवेश करना चाहिए क्योंकि आशंका इस बात की है कि अगली महामारी से पहले हमें यह सब करने का मौका ही न मिले। स्वास्थ्य चूंकि सर्वोच्च वैश्विक प्राथमिकता है और विश्वव्यापी सैनिटरी इमरजेंसी की स्थितियां हैं इसलिए हम मई में होने वाले स्वास्थ्य सम्मेलन में जी20 के राष्ट्राध्यक्षों के शामिल होने की इटली की अपील का समर्थन करते हैं (support Italy’s call) और अपील करते हैं कि डॉलर एक ट्रिलियन का एक वैश्विक संक्रामक रोग ट्रस्ट फंड बनाया जाए जिसके लिए अगले दशक के दौरान धन जुटाया जाए और यह बेहद जरूरी है।“

संयुक्त राष्ट्र के अनुसार, दुनिया भर में कोविड-19 के 112 मिलियन मामले थे और 23 फरवरी तक 2.4 मिलियन मौतें हो चुकी हैं। 130 ऐसे देश हैं (130 countries ) जिन्हें कोविड की एक खुराक दवा नहीं मिली है और 10 देशों ने 75% टीके लगा दिए हैं।

एड्स हेल्थकेयर फाउंडेशन (एएचएफ), सबसे बड़ा वैश्विक एड्स संगठन है। फिलहाल यह यूएस, अफ्रीका, लैटिन अमेरिका/कैरीबीयन, एशिया/प्रशांत क्षेत्र और यूरोप सहित पूरे विश्व के 45 देशों में 1.5 से अधिक क्लाइंट्स को चिकित्सीय देख्भार और/या सेवाएँ प्रदान कर रहा है। एएचएफ के बारे में अधिक जानकारी के लिए कृपया वेबसाइट : www.aidshealth.org, पर आइए फेसबुक पर तलाशिए : www.facebook.com/aidshealth और ट्वीटर : @aidshealthcare तथा इंस्टाग्राम पर फॉलो : @aidshealthcare कीजिए।

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