गढ़बो नवा छत्तीसगढ़ बजट 2021-22 सार संक्षेप

आज के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल द्वारा वर्ष 2021-22 का बजट प्रस्तुत किया गया। यह बजट मुख्य रूप से ’’गढ़बो नवा छत्तीसगढ़’’ के मूल मंत्र में समाहित भावनाओं को आगे बढ़ाते हुए प्रदेश को हर क्षेत्र में नई ऊंचाईयों पर ले जाने वाला है।

बजट में अंग्रेजी के HEIGHT शब्द के हर अक्षर से विकास की अवधारणा के विभिन्न आयामों को परिभाषित किया गया है। इसमें H-Holistic Development (समग्र विकास), E-Education(शिक्षा-सबके लिये समान अवसर), I-Infrastructure (अधोसंरचना- विकास के पोषक), G-Governance (प्रशासन-संवेदनशील एवं प्रभावी), Health (स्वास्थ्यः स्वस्थ तन-सबसे बड़ा धन), Transformation (बदलावः शासन-जनता के लिये) के आधार पर बजट को तैयार किया गया है।
    यह बजट राज्य के किसानों व आर्थिक रूप से कमजोर वर्गो की समृद्धि, गांवों की आर्थिक प्रगति, शिक्षा में गुणवत्ता एवं प्रगति के नये आयाम, स्वास्थ्य एवं चिकित्सा सुविधाओं का विस्तार, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति एवं पिछड़े वर्गों के कल्याण, महिलाओं एवं बच्चों के सर्वागींण विकास, युवाओं को रोजगार एवं उद्यमिता के नवीन अवसरों के सृजन, ग्रामीण एवं शहरी अधोसंरचना को तेजी से विकसित करने तथा जनता के लिए संवेदनशील प्रशासन की भावना के साथ प्रदेश के लोगों को समर्पित है।


 

1.    आर्थिक स्थिति
1.1    स्थिर दर पर वर्ष 2019-20 में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद मंें 5.32 प्रतिशत की वृद्धि के अनुमान की तुलना में त्वरित अनुमान अनुसार 5.12 प्रतिशत की वृद्धि संभावित है। राष्ट्रीय स्तर पर 4.2 प्रतिशत की वृद्धि की तुलना में यह अधिक है।
1.2    वर्ष 2020-21 में स्थिर भाव पर कृषि क्षेत्र में 4.61 प्रतिशत वृद्धि, औद्योगिक क्षेत्र में (-)5.2 प्रतिशत कमी और सेवा क्षेत्र में 0.75 प्रतिशत की वृद्धि अनुमानित। राष्ट्रीय स्तर पर इन क्षेत्रों में अनुमानित वृद्धि दर क्रमशः 3.4 प्रतिशत, (-)9.6 प्रतिशत एवं (-)8.8 प्रतिशत की तुलना में संतोषजनक है।
1.3    प्रचलित भाव पर राज्य का सकल घरेलू उत्पाद वर्ष 2019-20 में 3,44,955 करोड़ से बढ़कर वर्ष 2020-21 में 3,50,270 करोड़ होना अनुमानित है, जो पिछले वर्ष की तुलना में 1.54 प्रतिशत अधिक है। राष्ट्रीय स्तर पर (-)7.7 प्रतिशत की कमी की तुलना में राज्य के सकल घरेलू उत्पाद में वृद्धि।
1.4    वर्ष 2019-20 में प्रति व्यक्ति आय 1,05,089 की तुलना में वर्ष 2020-21 में प्रति व्यक्ति आय 1,04,943 रूपये अनुमानित है, जो कि गत वर्ष की तुलना में मात्र 0.14 प्रतिशत कम है। इसी अवधि में राष्ट्रीय स्तर पर प्रति व्यक्ति आय के आंकड़ों में 5.41 प्रतिशत की कमी अनुमानित है।
1.5    वर्ष 2021-22 के केन्द्रीय बजट में राज्य के लिये केन्द्रीय करों में हिस्से की राशि चालू वर्ष की तुलना में 4,128 करोड़ की कमी हुई है।
H-Holistic Development (समग्र विकास)
    HEIGHT का पहला एच, होलिस्टिक डेवलपमेंट यानि समग्र विकास का सूचक है। इस समग्र विकास का लाभ किसानों, श्रमिकों, वनवासी भाईयों, माताओं और बच्चों को समान रूप से प्राप्त होता है। विकास की इस अवधारणा में बड़े नगरों का आधुनिकीकरण के साथ-साथ सूदूर दुर्गम क्षेत्र के गांवों में भी बेहतर मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध करायी जाती हैं। विकास की इस प्रक्रिया में सुशासन की स्थापना के लिये आधुनिक प्रौद्योगिकी के उपयोग कोे प्रोत्साहित करते हैं, साथ ही अपनी संस्कृति और परम्पराओं का संरक्षण कर उन्हें चिरंजीवी रखने के लिये भी पूर्ण प्रयास करते हैं।
1.    कोरोना संक्रमण की रोकथाम हेतु स्वास्थ्य विभाग को 670 करोड़ के अतिरिक्त बजट की तत्काल व्यवस्था एवं जांच हेतु 6 RT-PCR लैब और 18 TrueNAT लैब की तत्काल स्थापना की गई। कोरोना संक्रमित मरीजों के उपचार हेतु 30 कोविड समर्पित अस्पताल तथा 178 कोविड केयर सेन्टर स्थापित किये गये।
2.    गोबर को गोधन बनाने हेतु गोधन न्याय योजना लागू। योजना में 175 करोड़ का प्रावधान है।
3.    प्रदेश के अलग-अलग क्षेत्रों में विशिष्ट सृजनात्मक कलाओं की बहुलता को रोजगार के अवसर में बदलने के लिये शहरी क्षेत्रों में पौनी-पसारी योजना के समान ही ग्रामीण क्षेत्रों में रूरल इंडस्ट्रियल पार्क की स्थापना होगी। यहां परम्परागत व्यवसायिक गतिविधियों के संचालन एवं विपणन की सुविधा उपलब्ध होगी।
4.    छत्तीसगढ़ के स्थानीय कृषि उत्पादों जैसे ढेकी का कूटा चावल, घानी से निकला खाद्य तेल, कोदो, कुटकी, मक्का से लेकर सभी तरह की दलहन फसलें, विविध वनोपज जैसे इमली, महुआ, हर्रा, बहेरा, आंवला, शहद एवं उनसे निर्मित उत्पाद फूलझाड़ू, टेराकोटा, बेलमेटल, बांसशिल्प, चर्मशिल्प, लौहशिल्प, कोसा सिल्क तथा छत्तीसगढ़ी व्यंजनों जैसी सभी सामग्रियों को एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराने हेतु राज्य एवं राज्य के बाहर सी-मार्ट स्टोर की स्थापना की जायेगी, जो विशिष्ट छत्तीसगढ़ी ब्राण्ड के रूप में मशहूर होंगे। योजना के माध्यम से स्थानीय उत्पादकों को अधिक लाभांश दिलाने की व्यवस्था भी की जायेगी।
किसानों को न्याय
1.    राजीव गांधी किसान न्याय योजना हेतु 5 हजार 703 करोड़ का प्रावधान।
2.    बस्तर संभाग के 7 आदिवासी बहुल जिले एवं मुंगेली जिले के चयनित 14 विकास खण्डों में पोषण सुरक्षा तथा किसानों की आर्थिक स्थिति में सुधार हेतु चिराग योजना के लिए 150 करोड़ का प्रावधान।
3.    कृषक जीवन ज्योति योजना अंतर्गत कृषि पम्पों को निःशुल्क विद्युत प्रदाय हेतु 2 हजार 500 करोड़ का प्रावधान। लगभग साढ़े 5 लाख किसान लाभान्वित।
4.    कृषि पम्पों के ऊर्जीकरण के लिये 150 करोड़ का प्रावधान।
5.    सौर सुजला योजना अंतर्गत सरकार के गठन के पश्चात अब तक 31 हजार 712 सोलर पंपों की स्थापना। इस बजट में 530 करोड़ का प्रावधान।
6.    किसानों को शून्य ब्याज दर पर 5 हजार 900 करोड़ का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित करने का लक्ष्य। ब्याज अनुदान के भुगतान हेतु 275 करोड़ का प्रावधान।
7.    इस वर्ष 5 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बहुवर्षीय फलोद्यान, 4 हजार 500 हेक्टेयर में सब्जी उत्पादन तथा 13 सौ हेक्टेयर क्षेत्र में फूलों की खेती हेतु अनुदान देने का लक्ष्य रखा गया है। उद्यानिकी फसलोंके लिए बजट में 495 करोड़ के प्रावधान।
पशुपालकों को न्याय
1.    गोठानों को रोजगारोन्मुखी बनाने के लिए गोधन न्याय योजना प्रारंभ की गई है। गोठान समितियों द्वारा पशुपालकों से 2 रू. किलो की दर से गोबर क्रय हेतु 80 करोड़ का भुगतान किया जा चुका है।
2.    स्व सहायता समूहों द्वारा अब तक गोबर से 71 हजार 300 क्विंटल वर्मी कम्पोस्ट तैयार किया जा चुका है।
3.    वर्तमान में 7 हजार 841 स्व-सहायता समूहों के लगभग 60 हजार सदस्यों को वर्मी खाद उत्पादन, सामुदायिक बाड़ी, गोबर दिया निर्माण इत्यादि से 942 लाख की आय हो चुकी है।
4.    गोठान योजना के लिये बजट में 175 करोड़ का प्रावधान।
मछुआरों को न्याय
1.    मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु इसे कृषि के समान दर्जा दिया जायेगा। बजट में मत्स्य पालन की गतिविधियों के लिये 171 करोड़ 20 लाख का प्रावधान।
2.    मत्स्य पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए स्वयं की भूमि पर तालाब निर्माण कर मत्स्य पालन की योजना हेतु 28 करोड़ का प्रावधान ।
3.    मत्स्य पालन हेतु उपलब्ध जल क्षेत्रों में से 95 प्रतिशत क्षेत्र को विकसित करके 2 लाख से अधिक मछुआरों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है।
परम्परागत कर्मकारों को न्याय
1.    पराम्परागत ग्रामीण व्यवसायिक कौशलों के पुनरूद्धार एवं कर्मकारों को सहयोग प्रदान करने के लिए तेलघानी विकास बोर्ड, चर्म शिल्पकार विकास बोर्ड, लौह शिल्पकार विकास बोर्ड एवं रजककार विकास बोर्ड की स्थापना की जायेगी।
2.    कोसा उत्पादन एवं वस्त्र निर्माण के कार्यों में 50 हजार से अधिक हितग्राहियों को रोजगार से जोड़ा गया है। हाथकरघा वस्त्र बुनाई के माध्यम से 60 हजार परिवारों को रोजगार मिला है।
3.    लाख पालन के क्षेत्र में रोजगार की संभावनाओं को देखते हुए ब्याज रहित ऋण की सुविधा हेतु लाख पालन को भी कृषि के समकक्ष दर्जा दिया गया है।
श्रमिकों को सहायता
1.    असंगठित श्रमिक सुरक्षा एवं कल्याण मण्डल अंतर्गत पंजीकृत श्रमिक से संबंधित आंकड़ों के ऑनलाईन संधारण तथा विभिन्न योजनाओं का त्वरित लाभ पहुंचाने की दृष्टि से विभिन्न एप निर्माण एवं राज्य स्तरीय हेल्प डेस्क सेन्टर की स्थापना की जायेगी।  
2.    असंगठित श्रमिकों, ठेका मजदूरों, सफाई कामगार एवं घरेलू कामकाजी महिलाओं के कल्याण की योजना में 61 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
3.    राज्य बीमा अस्पताल योजना में 56 करोड़ तथा कर्मचारी राज्य बीमा चिकित्सालयों हेतु 48 करोड़ का प्रावधान रखा गया है।
4.    ग्रामीण कृषि भूमिहीन श्रमिकों को सहायता हेतु नवीन न्याय योजना प्रारंभ की जायेगी।
वन आश्रितों को सहायता
1.    24 हजार 827 नये वन अधिकार पत्रों सहित अब तक 4 लाख 36 हजार 619 व्यक्तिगत वन अधिकार पत्रों का वितरण किया गया है।
2.    वन अधिकार पत्र धारी वनवासियों को भी किसानों के समान अधिकार देते हुए इस वर्ष किसान न्याय योजना का लाभ दिया गया है।
3.    राज्य सरकार द्वारा विशेष पहल करते हुए पहली बार 2 हजार 175 सामुदायिक वन संधारण अधिकार ग्राम सभाओं को दिये गये हैं। सामुदायिक वन अधिकार पत्र के रूप में वितरित वन भूमि पर फलदार वृक्षों के रोपण को प्रोत्साहित किया जायेगा।
4.    चालू सीजन के दौरान न्यूनतम समर्थन मूल्य पर 112 करोड़ की लागत के 4 लाख 74 हजार क्विंटल 52 प्रकार के लघु वनोपज का संग्रहण किया गया है। ट्राईफेड नई दिल्ली द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार न्यूनतम समर्थन मूल्य पर लघु वनोपज क्रय करने वाले राज्यों में छत्तीसगढ़ का प्रथम स्थान है।
5.    राज्य के अनुसूचित क्षेत्रों में कोदो, कुटकी एवं रागी को न्यूनतम समर्थन मूल्य पर अन्य लघु वनोपज की भांति उपार्जित किया जाएगा।
6.    12 लाख 50 हजार तेंदू पत्ता संग्राहक परिवारों को आकस्मिक मृत्यु अथवा दुर्घटना की स्थिति में सुरक्षा प्रदान करने के लिए ”शहीद महेंद्र कर्मा तेंदू पत्ता संग्राहक सामाजिक सुरक्षा योजना’’ प्रारंभ की गई है। इस हेतु 13 करोड़ का प्रावधान है।
7.    स्थानीय विकास कार्यक्रमों हेतु 359 करोड़ तथा आदिवासी क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास हेतु 170 करोड़ का प्रावधान है।
पत्रकारों को सहायता
1.    पत्रकारों की दुर्घटनाजन्य आकस्मिक मृत्यु के प्रकरणांे में दी जाने वाली सहायता राशि को 2 लाख से बढ़ाकर 5 लाख किया जायेगा।
महिलाओं और बच्चों को पोषण और सुरक्षा
1.    महिलाओं के पोषण में सुधार के लिए द्वितीय संतान बालिका के जन्म पर राज्य द्वारा 5 हजार रूपये की एकमुश्त सहायता राशि दी जायेगी। इसके लिये नवीन कौशल्या मातृत्व योजना प्रारंभ की जायेगी।
2.    बच्चों की देखरेख सुरक्षा एवं संरक्षण संबंधी कार्याें के लिये एकीकृत बाल संरक्षण योजना हेतु वर्ष 2021-22 के बजट में 47 करोड़ का प्रावधान है।
3.    विशेष पोषण आहार योजना में 732 करोड़, आंगनबाड़ियों का सुधार एवं निर्माण योजना में 39 करोड़ का प्रावधान है।
बुजुर्गाें एवं दिव्यांगजनों को सहायता
1.    निराश्रितों एवं बुजुर्गों को मासिक पेंशन हेतु सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजना में 343 करोड़, राष्ट्रीय वृद्धावस्था पेंशन योजना में 190 करोड़ एवं मुख्यमंत्री पेंशन योजना में 170 करोड़ का प्रावधान है।
2.    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय विधवा पेंशन योजना में 70 करोड़ एवं सुखद सहारा पेंशन योजना में 98 करोड़ का प्रावधान है।
3.    इंदिरा गांधी राष्ट्रीय दिव्यांग पेंशन योजना में 12 करोड़ का प्रावधान है।
4.    दिव्यांगजनों हेतु माना स्थित विभिन्न संस्थाओं हेतु सर्वसुविधा युक्त एकीकृत नवीन भवन निर्माण के लिए 2 करोड़ का प्रावधान है।
5.    वरिष्ठ नागरिकों की समस्याओं के निराकरण हेतु हेल्प लाइन की स्थापना एवं उनके भरण-पोषण हेतु 75 लाख का प्रावधान है।
6.    सभी पांच संभागीय मुख्यालयों पर आदर्श पुनर्वास केन्द्र की स्थापना हेतु 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
7.    मानसिक रोग से उपचारित व्यक्तियों के पुनर्वास एवं प्रशिक्षण के लिए रायपुर एवं दुर्ग में ‘हाफ वे होम’ की स्थापना हेतु 3 करोड़ 13 लाख का प्रावधान है।
8.    तृतीय लिंग के व्यक्तियों के पुनर्वास हेतु आश्रम सह पुनर्वास केन्द्र स्थापित किया जायेगा। इसके लिये बजट में 76 लाख का प्रावधान रखा गया है। यह देश में अपनी तरह का पहला केन्द्र होगा।
शहरांे का आधुनिकीकरण
1.    विभिन्न शासकीय सेवाओं की घर पहुंच सेवा के लिये मुख्यमंत्री मितान योजना में 10 करोड़ का प्रावधान है।
2.    मुख्यमंत्री शहरी स्लम स्वास्थ्य योजना के तहत 14 नगर निगमों में 60 मोबाइल एम्बुलेन्स एवं दाई-दीदी क्लीनिक का संचालन किया जा रहा है। इसके माध्यम से निःशुल्क परीक्षण, उपचार एवं दवाई वितरण की सुविधा दी जा रही है। बजट में 50 करोड़ का प्रावधान है।
3.    छत्तीसगढ़ को देश का स्वच्छतम राज्य होने का पुरस्कार लगातार दो वर्ष से प्राप्त हो रहा है। इसका श्रेय स्वच्छता दीदियों को समर्पित करते हुए उनके मानदेय को 5 हजार से बढ़ाकर 6 हजार रूपये किया गया है।
4.    एस.एल.आर.एम. सेन्टर्स का उन्नयन करते हुए नगरीय निकायों में 377 गोधन न्याय सह गोबर क्रय केन्द्रों की स्थापना की जा रही है।
5.    शहरी निर्धन परिवारों को बेहतर आवास उपलब्ध कराने हेतु ”मोर जमीन-मोर मकान“ तथा ”मोर मकान-मोर चिन्हारी“ योजनाओं में किये गये कार्याें को भारत सरकार द्वारा जनवरी 2021 में पुरस्कृत किया गया है। सबके लिए आवास योजना के तहत 457 करोड़ का प्रावधान है।
6.    अमृत योजना मंे शामिल 9 शहरों में दिसंबर 2018 तक स्वच्छ पेयजल हेतु 23 हजार 876 नल कनेक्शन दिये गये थे। यह संख्या अब बढ़कर डेढ़ लाख हो चुकी है। अमृत मिशन योजना के लिए इस वर्ष 220 करोड़ का प्रावधान है।
7.    नगरीय क्षेत्रों में अधोसंरचना विकास कार्यों के लिए 482 करोड़, तथा जल आवर्धन योजनाओं के लिए 119 करोड़ का प्रावधान है।
8.    बिलासपुर नगर निगम क्षेत्र में सम्मिलित 16 नवीन ग्रामों में जल प्रदाय व्यवस्था हेतु बजट में प्रावधान है।
ग्राम विकास: आजीविका एवं मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता
1.    महात्मा गांधी राष्ट्रीय रोजगार गारंटी योजना के लिए बजट में 1,603 करोड़ का प्रावधान है।
2.    छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत 400 करोड़ का प्रावधान है।
3.    भारत सरकार से जारी रूर्बन रैंकिंग के अनुसार छत्तीसगढ़ राज्य प्रथम स्थान पर है। इसके लिए बजट में 100 करोड़ का प्रावधान है।
4.    प्रधानमंत्री आवास योजना (ग्रामीण) में अब तक 10 लाख 97 हजार स्वीकृत आवासों में से 70 प्रतिशत आवास निर्माण पूर्ण हो चुके हैं। योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ राज्य द्वितीय स्थान पर है। बजट में 1500 करोड़ का प्रावधान है।
5.    ओडीएफ प्लस पंचायतों की श्रेणी में छत्तीसगढ़ राज्य को द्वितीय स्थान प्राप्त हुआ है। स्वच्छता के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्याें के लिये राज्य को 68 करोड़ 42 लाख का परफार्मेंस ग्रांट प्राप्त हुआ है।
6.    स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) योजना के लिए 400 करोड़ का प्रावधान है।
7.     प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना अंतर्गत 2 हजार 67 करोड़ का बजट प्रावधान है।
8.    किसानों को खेतों तक आवागमन की सुविधा देने के लिये कच्चे धरसा को पक्के मार्ग में बदलने के लिये मुख्यमंत्री धरसा विकास योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिये बजट में 10 करोड़ का प्रावधान है।
9.    कैम्पा मद से वन क्षेत्रों में 392 करोड़ की लागत से 441 नालों का चयन कर जल संरक्षण कार्य किया जायेगा।
आधुनिक प्रौद्योगिकी को प्रोत्साहन
1.    इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी सेवाओं के विस्तार के लिये 236 करोड़ का बजट प्रावधान रखा गया है।
2.    खनिजों का अवैध उत्खनन रोकने के लिये आधुनिक स्पेस टेक्नॉलॉजी एवं रिमोट सेंसिंग इमेज के माध्यम से माइनिंग सर्विलांस सिस्टम लागू किया गया है।
छत्तीसगढ़ी कला, संस्कृति एवं पर्यटन का विकास
1.    राज्य की पुरातात्विक धरोहरों के अध्ययन, खोज एवं संधारण कार्याें को गति देने के लिये पुरातत्व विभाग के पृथक संचालनालय का गठन किया जायेगा।
2.    छत्तीसगढ़ से संबंधित अभिलेखों के संधारण एवं प्रदर्शन हेतु अभिलेखागार भवन निर्माण के साथ-साथ डिजिटाइजेशन एवं मोबाइल एप का विकास किया जायेगा। इन सभी कार्यों के लिए बजट में 6 करोड़ का प्रावधान है।
3.    राज्य में विभिन्न कलाओं तथा विधाओं के संरक्षण एवं संवर्धन हेतु छत्तीसगढ़ संस्कृति परिषद का गठन किया गया है।  
4.    नवा रायपुर में भारत भवन, भोपाल की तर्ज पर छत्तीसढ़ सांस्कृतिक परिक्षेत्र का निर्माण किया जायेगा।
5.    मानव विकास का क्रम, रहन-सहन, तीज-त्यौहार, प्राचीन कला, परंपरागत विधाओें के प्रदर्शन हेतु मानव संग्रहालय के निर्माण हेतु 1 करोड़ का प्रावधान है।
6.    छत्तीसगढ़ी लोक कला एवं नृत्यों के संरक्षण तथा संवर्धन हेतु लघु फिल्म, डॉक्यूमेन्ट्री तथा अन्य कार्यों हेतु 2 करोड़ का प्रावधान है।
7.    जनजातीय संस्कृति में आस्था के प्रतीक देवगुड़ी स्थल के निर्माण और संरक्षण के लिये 5 लाख तक का अनुदान दिया जायेगा।
8.    शहीद वीरनारायण सिंह स्मारक एवं संग्रहालय के निर्माण तथा जनजातियों की जीवन शैली के प्रदर्शन कार्य हेतु 6 करोड़ का प्रावधान है।
9.    नवनिर्मित आदिवासी संग्रहालय की गैलरी में जनजातीय संस्कृति के प्रदर्शन की व्यवस्था हेतु 5 करोड़ का प्रावधान है।
10.    श्रीराम वन गमन पर्यटन परिपथ के प्रति आम जनता की श्रद्धा एवं लोकप्रियता को देखते हुए चिन्हित कार्यों को गति प्रदान करने हेतु 30 करोड़ का प्रावधान है।
प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण एवं विकास
1.    36 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में बिगड़े वनों के सुधार कार्य हेतु 206 करोड़ का प्रावधान है। नदियों के संरक्षण हेतु नदी तट वृक्षारोपण कार्यक्रम के तहत 15 लाख पौधों के रोपण हेतु 7 करोड़ का प्रावधान है।
E-Education (शिक्षा- सबके लिये समान अवसर)
1.    सरकारी स्कूलों के बच्चों को भी अंग्रेजी माध्यम से गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के लिए स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम स्कूलों की योजना शुरू की गई है। 119 नये अंग्रेजी माध्यम स्कूल के लिए बजट में प्रावधान है।
2.    नवा रायपुर में स्व-वित्तीय मॉडल पर सर्व सुविधायुक्त राष्ट्रीय स्तर के बोर्डिग स्कूल की स्थापना की जायेगी।
3.    कांकेर जिले में बी.एड. कॉलेज की स्थापना हेतु नवीन मद में 01 करोड़ का प्रावधान किया गया है।
4.    पढ़ना-लिखना अभियान योजना के लिए नवीन मद में 5 करोड़ 85 लाख का प्रावधान रखा गया है।
5.    ग्राम नागपुर जिला कोरिया, ग्राम सन्ना जिला जशपुर, ग्राम बांकीमांेगरा जिला कोरबा, ग्राम नवागांव नवा रायपुर, रिसाली जिला दुर्ग, सारागांव जिला जांजगीर चाम्पा मंे 7 नवीन महाविद्यालय तथा सूरजपुर, बलरामपुर एवं गोबरा नवापारा जिला रायपुर में नवीन कन्या महाविद्यालय की स्थापना की जायेगी।
6.    14 महाविद्यालयों में स्नातक स्तर के तथा 15 महाविद्यालयों में स्नातकोत्तर स्तर के नवीन पाठ्यक्रम प्रारंभ किये जायेंगे।
7.    मानपुर, बलरामपुर, नारायणपुर, कोण्डागांव, महासमुंद, कोरबा, दंतेवाड़ा, सुकमा, बीजापुर में एक-एक बालक एवं कन्या छात्रावास की स्थापना के लिए 6 करोड़ 80 लाख का प्रावधान है।
8.    बलरामपुर में पिछड़ा वर्ग के लिये एक-एक नवीन प्री-मैट्रिक बालक एवं कन्या छात्रावास तथा पाटन जिला दुर्ग में एक प्री-मैट्रिक अनुसूजित जाति बालक छात्रावास स्थापित किया जायेगा।
9.    अनुसूचित जाति एवं जनजाति वर्ग के विद्यार्थियों के लिए छात्रावासों के संचालन हेतु 372 करोड़ एवं गुरूकुल उन्नयन योजना अंतर्गत निर्माण कार्यों के लिए 281 करोड़ का प्रावधान है।  
10.    निकुम जिला दुर्ग, भाठागांव जिला रायपुर, वटगन जिला बलौदाबाजार, आमदी जिला धमतरी, चिरको जिला महासमुंद तथा नरहरपुर जिला कांकेर स्थित शासकीय महाविद्यालयों के लिये नवीन भवन निर्माण किया जायेगा।
11.    ग्राम टेकारी, विकासखंड आरंग तथा ग्राम नेवरा विकासखंड तखतपुर में नवीन आई.टी.आई. की स्थापना की जायेगी।
12.    छत्तीसगढ़ रीजनल साईंस सेन्टर परिसर में इनोवेशन हब की स्थापना हेतु 1 करोड़ 80 लाख तथा 40 पॉलीटेक्निक संस्थाओं में फर्नीचर मशीन तथा उपकरण के लिए 20 करोड़ 55 लाख का प्रावधान है।
I-Infrastructure (अधोसंरचना- विकास के पोषक)
सड़क मार्ग
1.    छत्तीसगढ़ सड़क एवं अधोसंरचना विकास निगम द्वारा 5 हजार 225 करोड़ की लागत के 3 हजार 900 किलोमीटर लंबी सड़कों एवं पुल-पुलिया के निर्माण का कार्य किया जायेगा। इस हेतु निगम को सहायता के रूप में 150 करोड़ का प्रावधान है।
2.    मुख्यमंत्री सुगम सड़क योजना के अंतर्गत बजट में 100 करोड़ का प्रावधान है।
3.    एशियन डेवलपमेंट बैंक की सहायता से फेज़-3 परियोजना में 826 किलोमीटर लंबाई के 24 मार्गों का निर्माण कार्य प्रगति पर है एवं फेज़-4 परियोजना के अंतर्गत 1 हजार 275 किलोमीटर लंबाई के 31 मार्गों का सर्वेक्षण किया जा रहा है। ए.डी.बी. सहायता वाली इन परियोजनाओं के लिये बजट में 940 करोड़ का प्रावधान है।
4.    वाहन दुर्घटनाओं में होने वाली जान-माल की क्षति को कम करने के लिये सड़क सुरक्षा हेतु सड़क सुरक्षा निर्माण योजना प्रारंभ की जा रही है। इसके लिये बजट में आवश्यक प्रावधान है।
5.    बजट में 12 नये रेलवे ओव्हर ब्रिज एवं अंडर ब्रिज तथा जवाहर सेतु योजना के अंतर्गत 151 नवीन मध्यम पुलों के निर्माण के लिये 102 करोड़ का प्रावधान है। 6 राज्य मार्ग, 5 शहरी मार्ग, 20 मुख्य जिला मार्ग तथा 435 ग्रामीण मार्गों के निर्माण हेतु 310 करोड़ का प्रावधान है। नाबार्ड की ग्रामीण अधोसंरचना विकास निधि के अंतर्गत 119 ग्रामीण मार्गों के निर्माण हेतु 92 करोड़ का प्रावधान है। ।
6.    नक्सल प्रभावित ग्रामीण क्षेत्रों को बेहतर आवागमन सुविधा देने हेतु 104 सड़क एवं 16 पुल निर्माण कार्य हेतु बजट में 12 करोड़ का प्रावधान है।
वायु मार्ग
1.    अम्बिकापुर क्षेत्र को शीघ्र ही वायुमार्ग से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है तथा इस वर्ष के बजट में कोरिया जिले में हवाई पट्टी निर्माण का प्रावधान है।
सिंचाई
1.    भू-जल संवर्धन के कार्याें को प्राथमिकता के आधार पर क्रियान्वयन करने हेतु भू-जल संरक्षण कोष का निर्माण किया जायेगा। भू-जल का उपयोग करने वाले उद्योगों तथा कच्चे माल के रूप में जल का उपयोग करने वाले उद्योगों से प्राप्त जलकर की राशि इस कोष में जमा की जायेगी।
2.    सिंचाई की 4 वृहद परियोजनाओं अरपा-भैंसाझार, केलो जलाशय, राजीव समोदा निसदा व्यपवर्तन एवं सोंढूर जलाशय हेतु बजट में 152 करोड़ का प्रावधान है।
3.    बजट में 4 सूक्ष्म सिंचाई योजना, 5 सौर सूक्ष्म सिंचाई योजना एवं 8 उद्वहन सिंचाई योजनाओं हेतु प्रावधान है।
4.    वृहद, मध्यम एवं लघु बांधों के पुनर्वास एवं सुधार कार्य हेतु बजट में 70 करोड़ का प्रावधान है।
5.    अहिरन-खारंग लिंक, छपराटोला फीडर जलाशय, रेहर अटेम (झिंक) लिंक परियोजना का क्रियान्वयन छत्तीसगढ़ अधोसंरचना विकास निगम द्वारा किया जायेगा। इसके लिये निगम को 5 करोड़ की सहायता का प्रावधान है।
स्वच्छ पेयजल
1.    राज्य के 45 लाख 48 हजार ग्रामीण घरों को वर्ष 2023 तक नल कनेक्शन के माध्यम से शुद्ध पेयजल आपूर्ति का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।
2.    पेयजल हेतु घरों तक नल कलेक्शन की सुविधा देने के लिए जल जीवन मिशन योजना में 850 करोड़ का प्रावधान है।
3.    नलकूपों के अनुरक्षण हेतु 106 करोड़ तथा पाईप द्वारा ग्रामीण जल प्रदाय योजना में 32 करोड़ एवं ग्रामों में पेयजल प्रदाय के लिए 70 करोड़ का प्रावधान है।
4.    नगरीय क्षेत्रों में नई जल प्रदाय योजनाओं के लिए 45 करोड़ का प्रावधान है।
5.    मिनीमाता अमृतधारा नल योजना में 11 करोड़ एवं गोठानों मेें नलकूप खनन हेतु 10 करोड़ का प्रावधान है।
उद्योग
1.    नवीन फूडपार्क की स्थापना हेतु 110 विकासखण्डों में भूमि का चिन्हांकन और 45 विकासखण्डों में भूमि का अधिपत्य उद्योग विभाग को प्राप्त हो चुका है। इस योजना हेतु बजट में 50 करोड़ का प्रावधान है।
2.    पिछड़े क्षेत्रों में वनोपज, हर्बल तथा खाद्य प्रसंस्करण उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा देने के लिये नई औद्योगिक नीति 2019-24 में वनांचल उद्योग पैकेज का प्रावधान है।
3.    350 करोड़ की लागत से पंडरी जिला रायपुर में 10 एकड़ भूमि पर पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप के आधार पर जेम्स एण्ड ज्वेलरी पार्क की स्थापना की जा रही है।
4.    नये औद्योगिक क्षेत्रों की स्थापना हेतु 65 करोड़ तथा औद्योगिक क्षेत्रों में अधोसंरचना उन्नयन कार्य हेतु 10 करोड़ का प्रावधान है।
ऊर्जा
1.    विद्युतीकृत ग्रामों के शेष रह गये पारा-टोलों तक विद्युत लाइन पहंुचाने के लिये मुख्यमंत्री मजराटोला विद्युतीकरण योजना में 45 करोड़ का प्रावधान है।
2.    नदियों के तट पर स्थित खेतों को सिंचाई की सुविधा देने के लिये नदियों के किनारे-किनारे विद्युत लाइन के विस्तार का कार्य किया जायेगा।
3.    मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना अंतर्गत नवीन सबस्टेशन निर्माण, ट्रान्सफार्मर क्षमता वृद्धि तथा लाइन विस्तार के कार्याें के लिये 25 करोड़ का प्रावधान है।
4.    औद्योगिक क्षेत्रों में सुपरवाइजरी कन्ट्रोल के लिये स्काडा योजना में 50 करोड़ का प्रावधान है।
5.    शहरी क्षेत्र के विद्युतीकरण कार्याें के लिये मुख्यमंत्री शहरी विद्युतीकरण योजना में 100 करोड़ का प्रावधान है।
कृषि संबंधी अधोसंरचना
1.    बायो एथेनॉल उत्पादन के अनुसंधान कार्य हेतु ग्राम गोढ़ी जिला बेमेतरा में  प्रदर्शनी संयंत्र की स्थापना की जायेगी। संयंत्र में जैव ईंधन के उत्पादन के लिये अतिशेष धान अथवा मक्का इत्यादि कच्ची सामग्री का उपयोग किया जायेगा।
2.    नवीन ऊर्जा शिक्षा उद्यान ग्राम पाटन जिला दुर्ग मंें स्थापित किया जायेगा। ऊर्जा शिक्षा उद्यान के माध्यम से कृषि कार्य एवं दैनिक जन-जीवन के विविध कार्याें में वैकल्पिक ऊर्जा का उपयोग करने के लिये ग्रामीण जनों को प्रोत्साहित किया जायेगा।
3.    किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुये प्राथमिक कृषि साख सहकारी समिति का पुनर्गठन करके 725 नयी समितियों का गठन किया गया है। इस प्रकार प्रदेश में समितियों की संख्या 1 हजार 333 से बढ़कर 2 हजार 48 हो गयी है।
4.    समितियों में धान उपार्जन सहित अन्य व्यवस्थाओं के लिये प्रत्येक समिति को 50 हजार रूपये की एकमुश्त सहायता हेतु 3 करोड़ 63 लाख का प्रावधान है।
5.    उपार्जित धान की सुरक्षा के लिए सहकारी समितियों में महात्मा गांधी नरेगा योजना से 7 हजार 556 चबूतरा का निर्माण किया गया है।
G-Governance (प्रशासन-संवेदनशील एवं प्रभावी)
प्रशासन को संवेदनशील, सशक्त, जवाबदेह तथा प्रभावी बनाने हेतु क्षेत्रफल तथा जनसंख्या के आधार पर बड़ी प्रशासनिक इकाइयों को विभाजित करके नई इकाइयों का गठन किया जा रहा है।
राजस्व प्रशासन
1.    इस बजट में 11 नवीन तहसील एवं 5 नये अनुविभागों का गठन किया जायेगा। नयी तहसीलों का गठन1.सारागांव, 2.नांदघाट, 3.सुहेला, 4.सीपत, 5.बिहारपुर, 6.चांदो, 7.रघुनाथपुर, 8.सरिया, 9.छाल, 10.अजगरबहार, 11.बरपाली तथा अनुविभाग कार्यालयों का गठन 1.लोहांडीगुड़ा, 2.भैयाथान, 3.पाली, 4.मरवाही एवं 5.तोंकापाल में किया जायेगा।
2.    पटवारियों को खसरा पांचसाला तथा बी-1 की कम्प्यूटराइज्ड प्रतिलिपियां प्रदान की जायेगी। इससे मौके पर अभिलेखों का मिलान एवं गिरदावरी कार्य में सुविधा होगी। इस हेतु 3 करोड़ का प्रावधान है।
3.    पटवारियों को देय मासिक स्टेशनरी भत्ता में 250 रूपये की वृद्धि की जायेगी। इसके लिये बजट में 3 करोड़ 48 लाख का प्रावधान है।
4.    सभी तहसीलों में राजस्व निरीक्षक मण्डल स्तर पर नवीन वर्षामापी केन्द्रों की स्थापना की जायेगी। इसके लिये बजट में 1 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
5.    स्वामित्व योजना अंतर्गत ग्रामीण आबादी क्षेत्र का ड्रोन आधारित सर्वे किया जाकर धारित भूमि का नक्शा तथा अधिकार अभिलेख रहवासियों को वितरित किया जायेगा।
पुलिस प्रशासन
1.    बस्तर संभाग के सभी जिलों में ‘बस्तर टाइगर्स’ विशेष बल का गठन किया जायेगा। बल में अंदरूनी ग्रामों के स्थानीय युवाओं को भर्ती में प्राथमिकता दी जायेगी।
2.    युवाओं के अंदरूनी क्षेत्र एवं जंगल की जानकारी का लाभ नक्सल विरोधी अभियान के दौरान पुलिस बल को प्राप्त हो सकेगा। पुलिस में 2 हजार 800 व्यक्तियों की भर्ती हेतु 92 करोड़ का प्रावधान है।
3.    राज्य पुलिस मुख्यालय में साइबर फोरेंसिक लैब की स्थापना के लिए 20 नवीन पदों के सृजन हेतु 1 करोड़ 35 लाख का प्रावधान है।
4.    प्रभावी नागरिक सुरक्षा व्यवस्था हेतु रायपुर-पश्चिम एवं जांजगीर-चांपा में तथा नक्सल ऑपरेशन को गति प्रदान करने हेतु मानपुर जिला राजनांदगांव, बीजापुर (नक्सल ऑपरेशन) एवं भानुप्रतापपुर जिला कांकेर में कुल 5 अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के नवीन कार्यालय स्थापित किये जायेंगे।
5.    गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही में पुलिस जवानों के आवासीय भवन निर्माण किया जायेगा।
6.    राज्य में भवन विहीन पुलिस चौकियों के 10 चौकी भवनों का निर्माण किया जायेगा।
7.    कन्या छात्रावास एवं आश्रमों में निवासरत बालिकाओं की सुरक्षा के लिये महिला होमगार्ड के 22 सौ नवीन पदों की स्वीकृति हेतु बजट में प्रावधान है।
8.    उप जेल जिला नारायणपुर एवं जिला बीजापुर का जिला जेल में उन्नयन तथा भाटापारा में उप जेल की स्थापना हेतु 48 नवीन पदों की स्वीकृति एवं 01 करोड़ 42 लाख का बजट प्रावधान है।
9.    राज्य के कुल 06 जेल में 50-50 बंदी क्षमता के 10 बैरकों का निर्माण किया जायेगा।
10.    उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले शासकीय सेवकों को प्रोत्साहित करने के लिये राज्य सिविल सेवा पदक एवं राज्य पुलिस सेवा पदक से पुरस्कृत करने की योजना शुरू की जायेगी।

H-Health (स्वास्थ्य: स्वस्थ तन-सबसे बड़ा धन)
    सार्वभौम स्वास्थ्य सेवाओं का वादा निभाते हुए प्रदेश के शहरी एवं ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य केन्द्रों का उन्नयन, आधुनिक सुविधाओं का विकास करने के साथ ही विभिन्न बसाहटों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहंुचाने का प्रयास किया गया है।
1.    09 शासकीय चिकित्सा महाविद्यालयों में वायरोलॉजी लैब की स्थापना हेतु  63 नवीन पदों का सृजन एवं 01 करोड़ का प्रावधान है।
2.    सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र रामानुजगंज का 100 बिस्तर अस्पताल में तथा सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र राखी (नवा रायपुर) का 50 बिस्तर अस्पताल में उन्नयन हेतु अतिरिक्त पदों की स्वीकृति सहित 01 करोड़ का प्रावधान है।
3.    ग्राम सन्ना, जिला जशपुर एवं शिवरीनारायण, जिला जांजगीर-चांपा में नवीन सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र तथा भिलाई के रिसाली क्षेत्र में 30 बिस्तर अस्पताल की स्थापना हेतु 01 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
4.    वनांचल एवं दूरस्थ क्षेत्रों में मुख्यमंत्री हाट बाजार क्लिनिक योजना के माध्यम से निःशुल्क स्वास्थ जांच, चिकित्सा सुविधा एवं दवाईयां वितरण की सुविधा ग्रामीणों को उपलब्ध करायी जा रही है। इसके लिये बजट में 13 करोड़ का प्रावधान है।
5.    नवीन चिकित्सा महाविद्यालय कांकेर, कोरबा एवं महासमुंद के भवन निर्माण हेतु 300 करोड़ का प्रावधान बजट में है।
6.    25 उप स्वास्थ्य केन्द्र, 10 प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र एवं 02 सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र के भवन निर्माण हेतु 17 करोड़ 50 लाख का प्रावधान है।
7.    चन्दूलाल चन्द्राकर मेमोरियल मेडिकल कॉलेज, दुर्ग का शासकीयकरण किया जायेगा।
T-Transformation (बदलाव: शासन-जनता के लिये)
    विलुप्त हो रहे हरेली, तीजा-पोरा, गौरा-गौरी, मातर और गोवर्धन पूजा जैसे त्यौहारों के सार्वजनिक आयोजनों से इन त्यौहारों का गौरव पुनर्स्थापित किया गया है।
1.    आचार्य नरेन्द्र देव वर्मा रचित गीत ‘‘अरपा पैरी के धार’’ को राजगीत का दर्जा देकर छत्तीसगढ़ महतारी के प्रति आस्था को सजीव रूप प्रदान किया है।
2.    इसी तरह भक्त माता कर्मा जयंती, विश्व आदिवासी दिवस, छठ पूजा जैसे त्यौहारों पर सार्वजनिक अवकाश की घोषणा करके जनभावनाओं को सम्मानित किया है।
3.    जन-समुदायों के शासकीय कार्यालयों तक चलकर आने की परम्परा में भी सुधार करते हुए सभी क्षेत्रों में प्रशासन को जनता तक पहुंचने की व्यवस्था बनायी है।  
4.    छत्तीसगढ़ की राजधानी, नवा रायपुर को कांक्रीट के जंगल से बदलकर एक जीवंत आबाद शहर के रूप में बसाने के लिये बहुत तेजी से प्रयास किये जा रहे है। नवा रायपुर की विविध योजनाओं के क्रियान्वयन के लिये बजट मे 355 करोड़ का प्रावधान है।

7. वर्ष 2021-22 का बजट अनुमान
7.1    वर्ष 2021-22 हेतु कुल राजस्व प्राप्तियां 79 हजार 325 करोड़ अनुमानित है। इसमें राज्य का राजस्व 35 हजार करोड़ एवं केन्द्र से प्राप्त होने वाली राशि 44 हजार 325 करोड़ है।
7.2    वर्ष 2021-22 के लिए अनुमानित सकल व्यय 1 लाख 5 हजार 213 करोड़ का है। सकल व्यय से ऋणों की अदायगी एवं पुर्न प्राप्तियों को घटाने पर शुद्ध व्यय 97 हजार 106 करोड़ अनुमानित है। राजस्व व्यय 83 हजार 28 करोड़ एवं पूंजीगत व्यय 13 हजार 839 करोड़ है। वर्ष 2021-22 में पूंजीगत व्यय कुल व्यय का 14 प्रतिशत है।
7.3    वर्ष 2021-22 के बजट में सामाजिक क्षेत्र के लिए 38 प्रतिशत, आर्थिक क्षेत्र के लिए 39 प्रतिशत एवं सामान्य सेवा क्षेत्र के लिए 23 प्रतिशत का प्रावधान किया गया है।
8.    राजकोषीय स्थिति
8.1    इस बजट में 3 हजार 702 करोड़ का राजस्व घाटा अनुमानित किया गया है।
8.2    राज्य का सकल वित्तीय घाटा 17 हजार 461 करोड़ अनुमानित है, जो राज्य के सकल घरेलू उत्पाद का 4.56 प्रतिशत है।
8.3    वर्ष 2021-22 हेतु कुल प्राप्तियां 97 हजार 145 करोड़ के विरूद्ध शुद्ध व्यय 97 हजार 106 करोड़ अनुमानित है। इन वित्तीय संव्यवहारों के फलस्वरूप 39 करोड़ की बचत अनुमानित है। वर्ष 2020-21 के संभावित घाटा 1 हजार 95 करोड़ को शामिल करते हुए वर्ष 2021-22 के अंत में 1 हजार 916 करोड़ का बजट घाटा अनुमानित है।  
9.    कर प्रस्ताव
    2021-22 के लिए कोई नया कर प्रस्ताव नहीं है।

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