दुर्गम पहुंच मार्गो को पार कर लोगों तक पहुंच रहे ’’दंतेश्वरी माई मितान’’ घर पहुंच पेंशन के साथ बांट रहे खुशियां

दन्तेवाड़ा : जिले के युवा कलेक्टर दीपक सोनी, की पहल से जिले के चितालंका और नकुलनार से इसकी शुरुआत

दन्तेवाड़ा, 27 जून 2020 जिले में कोरोना वायरस वैश्विक महामारी के दौरान ’’दंतेश्वरी माई मितान’’ हितग्राहियों के घर पहुंच कर ’’बैंक संगवारी तुमचो दुवार’’ योजना के माध्यम से नगद भुगतान कर रहे हैं। इस दिशा में जिले के युवा कलेक्टर दीपक सोनी, की पहल से जिले के चितालंका और नकुलनार से इसकी शुरुआत हुई और अब पूरे जिले में इसे कारगर ढंग से सुनिश्चित किया जा रहा है। गौरतलब है कि कलेक्टर श्री सोनी ने पद ग्रहण करते ही जिले में गरीबी उन्मूलन के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है। उनका मुख्य लक्ष्य यहां के निवासियों की आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार कर उन्हें सक्षम बनाना है। उनकी सकारात्मक पहल के फल स्वरुप सामाजिक सहायता कार्यक्रम की पेंशन हितग्राहियों को पेंशन के लिए बैंक के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे नहीं लगाने पड़ेंगे ना हीं मनरेगा से मिलने वाली मजदूरी के लिए भटकना पड़ेगा। जिले के समाज कल्याण विभाग की विभिन्न पेंशन योजनाओं के 18 हजार 9 सौ 95 पेंशन धारियों तथा एनआरएलएम के हितग्राहियों के लिए घर पहुंच बैंक सेवा शुरू की गई है। इस पहल से सबसे अधिक राहत बुजुर्ग, महिलाओं के अलावा दिव्यांगों को मिला हैं। वीएलई, बैंक सीएसपी, सीएससी, बैंक सखी एवं लोक सेवा केन्द्र के जरिए यह सेवा शुरू की गई है। फिलहाल 70 लोगों को इसे जोड़ा गया है जो घर-घर जाकर पेंशन पहुंचा रहे हैं। जिसने अब बैंक जाने और बैंक में कतार लगा के पैसा निकालने की दिक्कत दूर हो गयी। यह बुजुर्गों के लिए सरकार की सराहनीय पहल है। जिले में अब तक ’’बैंक संगवारी तुमचो दुआर’’ योजना के तहत ’’दंतेश्वरी माई मितान’’ द्वारा लगभग 7 हजार 2 सौ 58 हितग्राहियों को घर पहुंचकर 37 लाख रुपए का नगद भुगतान किया गया है। जिले में भविष्य में सभी पंचायतों में हितग्राहियों को इस सेवा के जरिए घर पहुंचकर पेंशन के साथ मजदूरी की भुगतान भी की जाएगी ।

          राज्य के मुख्य सचिव आर पी मंडल ने भी अपने दंतेवाड़ा प्रवास के दौरान उनके कार्य को देखा और सराहना की थी। गौरतलब है कि कलेक्टर दीपक सोनी, ने पद ग्रहण करते ही जिले में गरीबी उन्मूलन के लिए कार्य करना शुरू कर दिया है उनका मुख्य लक्ष्य यहां के निवासियों के आर्थिक सामाजिक स्तर में सुधार कर उन्हें सक्षम बनाना है।