भूपेश लक्ष्य जीरो कोरोना बस्तर संभाग गत वर्ष की तरह

बस्तर संभाग में पिछली बार की भांति कोरोना संक्रमण की दर को शून्य प्रतिशत तक लाने का हो लक्ष्य: मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल
कर्तव्य के प्रति सजगता से ही मिलेगी सफलता

बाहर से आने वाला हर व्यक्ति के टेस्टिंग के बिना शहर या गांवों में प्रवेश पर मनाही

छुट्टी से लौटने वाले सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों को टेस्टिंग और क्वारेंटाइन के बाद ही कैम्पों में भेजा जाए

खदान क्षेत्रों में बाहर से आने वाले ड्राइवर और क्लीनरों की जांच और मजदूरों से अलग रखने की हो व्यवस्था

कोविड की गाइडलाइन का पालन करते हुए मनरेगा और लघु वनोपजों के संग्रहण के काम प्रारंभ किए जाए 

टेस्टिंग, मरीजों के इलाज, वैक्सीनेशन और कोरोना संक्रमण की रोकथाम पर हो फोकस 

कोरोना संक्रमितों के कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग का पता कर सघन जांच की हो कार्यवाही

 रायपुर, 20 अप्रैल 2021

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां अपने निवास कार्यालय में आयोजित वर्चुअल बैठक में बस्तर संभाग के 7 जिलों कांकेर, कोंडागांव, बस्तर, बीजापुर, नारायणपुर, सुकमा और दंतेवाड़ा में कोरोना संक्रमण की वर्तमान स्थिति और उससे नियंत्रण के उपायों की समीक्षा की। 
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने समीक्षा करते हुए कहा कि राज्य के बस्तर संभाग में पिछली बार कोरोना संक्रमण को रोकने में शासन-प्रशासन सहित सबके सहयोग से अच्छी सफलता मिली थी। इस बार भी हम सभी बस्तर संभाग में कोरोना संक्रमण की दर को पिछली बार की तरह शून्य प्रतिशत तक लाने का प्रयास करें। उन्होंने कहा कि बस्तर संभाग के अधिकारी-कर्मचारी अच्छा काम कर रहे हैं। अपने कर्तव्यों के प्रति सजगता से ही लक्ष्य को प्राप्त करने में जरूर सफलता मिलेगी। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि बस्तर में संक्रमण न फैले इसके लिए यह जरूरी है कि बाहर से आने वाला हर व्यक्ति बिना टेस्टिंग के न तो गांव में और न ही शहर में जाए। आवश्यकता अनुसार उन्हें क्वारेंटाइन सेंटर और आइसोलेशन केेन्द्र में रखने की व्यवस्था की जाए। बाहर  से आने वालों की एयरपोर्ट, रेल्वे स्टेशन, बस स्टेंड, अंतर्राज्यीय सीमाओं के एन्ट्री पाइंट पर ही टेस्टिंग सुनिश्चित कर ली जाए। हमारा फोकस टेस्टिंग के साथ-साथ मरीजों के इलाज, वैक्सीनेशन, कोरोना संक्रमण की रोकथाम और संक्रमित व्यक्तियों की कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग तथा सघन जांच पर होना चाहिए। कॉन्टेक्ट ट्रेसिंग से संक्रमण को रोकने में काफी हद तक मदद मिलेगी।     
    मुख्यमंत्री ने कहा कि छुट्टी से लौटने वाले सीआरपीएफ और पैरामिलिट्री फोर्स के जवानों की टेस्टिंग एन्ट्री पाइंट पर की जाए। उन्हें क्वारेंटाइन और आइसोलेशन में रखने के बाद ही कैम्पों में जाने की अनुमति दी जाए। उन्होंने कहा कि पिछली बार इसी वजह से बस्तर में संक्रमण बढ़ा था। बस्तर आईजी आने वाले जवानों की जानकारी रखे और ऐसे जवानों को लाने के लिए पृथक वाहन की व्यवस्था करें। जवान सार्वजनिक परिवहन के साधनों से वापस न लौटे। उन्होंने कहा कि खदान क्षेत्रों में ट्रकों में आने वाले ड्राइवरों और क्लीनरों की जांच की जाए और उन्हें मजदूरों से अलग रखने की व्यवस्था की जाए। 
    मुख्यमंत्री ने कहा कि लॉकडाउन के दौरान लोगों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए कोरोना से बचाव की गाइडलाइन का पालन करते हुए मनरेगा और लघु वनोपजों के संग्रहण कार्य प्रारंभ किए जाएं। इससे लोगों को सुगमता से रोजगार उपलब्ध होगा और अतिरिक्त आमदनी भी मिलेगी। स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव ने बस्तर संभाग में कोरोना संक्रमण की स्थिति के बारे में जानकारी दी। उन्होंने कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए हर आवश्यक व्यवस्था सुनिश्चित करने के लिए कहा। साथ ही सभी कलेक्टरों को अपने-अपने जिले में पंचायतवार बाहर गए मजदूरों और लोगों की जानकारी भी एकत्रकर पोर्टल में प्रदर्शित करने को कहा। उन्होंने ग्राम पंचायतों में क्वारेंटाइन सेंटर और आइसोलेशन सेंटर की स्थापना के संबंध में भी आवश्यक निर्देश दिए। 
    मुख्यमंत्री श्री बघेल ने बैठक में बस्तर संभाग के सभी जिलों में ऑक्सीजन बेड, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर वाले बेड की उपलब्धता, ऑक्सीजन की सप्लाई चैन, ऑक्सीजन सिलेंडरों की उपलब्धता और रोटेशन, मेडिकल स्टाफ की उपलब्धता, रेमडेसिविर और अन्य आवश्यक दवाइयों की उपलब्धता तथा सीएसआर मद, औद्योगिक क्षेत्र और सामाजिक संगठनों के सहयोग से किये जा रहे कार्यों की समीक्षा की।
    बैठक में स्वास्थ्य मंत्री श्री टी.एस. सिंहदेव, मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव स्वास्थ्य श्रीमती रेणु जी. पिल्ले, अपर मुुख्य सचिव गृह श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी, बस्तर संभाग के कमिश्नर, आई.जी., इन सभी 7 जिलों के जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक शामिल हुए।

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वरिष्ठ पत्रकार श्री तिलक देवांगन के निधन पर दुःख जताया
रायपुर, 20 अप्रैल 2021

 मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने वरिष्ठ पत्रकार श्री तिलक देवांगन के निधन पर गहरा दुःख व्यक्त किया है। श्री बघेल ने उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित करते हुए उनकी आत्मा की शांति के लिए भगवान से प्रार्थना की है। मुख्यमंत्री ने शोक-संतप्त परिजनों के प्रति गहरी संवदेना व्यक्त करते हुए ऐसी दुःखद घड़ी में संबल प्रदान करने ईश्वर से प्रार्थना की है। स्वर्गीय श्री तिलक देवांगन रायपुर से प्रकाशित एक प्रतिष्ठित समाचार पत्र में पत्रकार थे।

समितियों में शेष धान का हो त्वरित निराकरण: मुख्यमंत्री श्री बघेल
मुख्यमंत्री ने राज्य में उपार्जित धान के निराकरण तथा कस्टम मिलिंग की समीक्षा की

खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में 92 लाख मीट्रिक टन धान की खरीदी

 रायपुर, 20 अप्रैल 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने आज यहां राजधानी स्थित अपने निवास कार्यालय में आयोजित बैठक में राज्य में खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित धान के निराकरण और कस्टम मिलिंग की प्रगति की समीक्षा की। उन्होंने इस दौरान समितियों में शेष धान के त्वरित निराकरण के लिए आवश्यक निर्देश दिए। साथ ही समितियों में निराकरण हेतु शेष धान के उचित रख-रखाव के लिए भी निर्देशित किया। 
    गौरतलब है कि खरीफ विपणन वर्ष 2020-21 में उपार्जित कुल 92 लाख मीट्रिक टन धान में से 47.37 लाख मीट्रिक टन धान डी.ओ. के माध्यम से मिलर्स को प्रदाय किया जा चुका है तथा 19.68 लाख मीट्रिक टन धान टी.ओ. के माध्यम से संग्रहण केन्द्रों को प्रदाय किया गया है। आज तक नीलामी के माध्यम से 4.59 लाख मीट्रिक टन धान का विक्रय किया जा चुका है। इस तरह समितियों में वर्तमान में  20.36 लाख मीट्रिक टन धान निराकरण हेतु शेष है। 
    इस अवसर पर मुख्य सचिव श्री अमिताभ जैन, अपर मुख्य सचिव श्री सुब्रत साहू, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सिद्धार्थ कोमल सिंह परदेशी तथा मार्कफेड के प्रबंध संचालक श्री अंकित आनंद उपस्थित थे। 

मुख्यमंत्री श्री बघेल ने प्रदेशवासियों को रामनवमी की दी शुभकामनाएं
रायपुर, 20 अप्रैल 2021

मुख्यमंत्री श्री भूपेश बघेल ने प्रदेशवासियों को 21 अप्रैल को रामनवमी के अवसर पर बधाई और शुभकामनाएं दी हैं। श्री बघेल ने कहा है कि छत्तीसगढ़ के कण-कण में मर्यादा पुरूषोत्तम भगवान श्रीराम बसे हैं। यह हम सबके लिए गर्व और हर्ष की बात है कि छत्तीसगढ़ भगवान श्रीराम का ननिहाल रहा है और उन्होंने अपने वनवास का अधिकांश समय यहां बिताया। वनवास काल के दौरान श्रीराम छत्तीसगढ़ में जिस मार्ग से गुजरे थे, उसे राज्य सरकार ‘राम वन गमन पर्यटन परिपथ‘ के रूप में विकसित कर रही है। मुख्यमंत्री ने कहा है कि जिस तरह श्रीराम ने संयम और सहनशीलता से 14 वर्षों का वनवास पूरा किया और संसाधनों तथा सेना के कम होते हुए भी लंका नरेश रावण पर विजय प्राप्त की। विश्वव्यापी कोरोना महामारी के संकट के इस समय में उसी तरह हमें उनके आदर्शों का पालन करते हुए उतने ही संयम से लॉकडाउन का पालन करते हुए कोरोना को हराना है। श्री बघेल ने रामनवमी के अवसर पर प्रदेशवासियों के लिए सुख, समृद्धि, खुशहाली और अच्छे स्वास्थ्य की कामना की है।

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