मैनपाट के पैगा, सुपलगा में चला हडिया तोड़ अभियान, संयुक्त टीम की छापेमारी में 25 घरों में मिला हडिया & उद्यानिकी फसलों हेतु मौसम आधारित फसल बीमा योजना

अब आवेदकों के घरों में पहुंचेगा जाति एवं निवास प्रमाण-पत्र 

अम्बिकापुर 27 जून 2020 छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जाति प्रमाण-पत्र एवं निवास प्रमाण-पत्र जारी किए जाने के पश्चात् आवेदकों के घर तक उक्त प्रमाण-पत्र पहुंचाये जाने की सुविधा प्रदाय किए जाने का निर्णय लिया गया है। इस सम्बध में कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने बताया कि जाति प्रमाण-पत्र एवं निवास प्रमाण पत्र वितरण का सरलीकरण कर घर पहुंच सुविधा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से लोक सेवा केन्द्रों तथा तहसील कार्यालयों में आवेदकों से डाक रजिस्ट्री व्यय शुल्क लेकर तथा उक्त डाक व्यय शुल्क की पावती देते हुए आवेदकों के निवास पते पर प्रमाण-पत्र भेजे जाने का विकल्प दिया जा रहा है जिससे आवेदकों को पुनः तहसील कार्यालयों एवं लोक सेवा केन्द्रों में आने की आवश्यकता नहीं होगी। राज्य शासन की मंशा अनुसार क्रियान्वयन किए जाने के उद्देश्य से उपरोक्त सुविधा जिले के लोक सेवा केन्द्रों एवं तहसील कार्यालयों में शीघ्र प्रारंभ किया जाएगा। कलेक्टर ने सभी एसडीएम, तहसीलदार सहित ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर लोकसेवा केन्द्र को क्रियान्वयन हेतु आवश्यक कार्यवाही करने के निर्देश दिए हैं।  

उद्यानिकी फसलों हेतु मौसम आधारित फसल बीमा योजना लागू अंतिम तिथि 15 जुलाई 

अम्बिकापुर 27 जून 2020 उद्यान विभाग के उप संचालक ने बताया है कि उद्यानिकी फसलो में पुर्नगठित मौसम आधारित फसल बीमा योजना अंतर्गत खरीफ वर्ष 2020-21 के क्रियान्वयन हेतु छत्तीसगढ़ शासन कृषि एवं जैव प्रौद्योगिकी विभाग द्वारा अधिसूचना जारी कर दी गई है। योजना के क्रियान्वयन के लिए राजस्व निरीक्षक मण्डल को बीमा इकाई बनाया गया है एवं किसानो को बीमा हेतु कास्त के लिए निर्धारित ऋणमान (बीमित राशि) का 5 प्रतिशत प्रीमियम के रूप में देना होगा। इन सभी फसलो के जोखीम अवधि- 1 मार्च 2020 से 30 जून 2021 है। इस अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के प्रतिकूल मौसम जैसे अधिक वर्षा, कम वर्षा, बेमौसम वर्षा, अधिक तापमान, कम तापमान,बीमारी अनुकूल मौसम, वायु गति से होने वाली फसलो की क्षति के नुकसान का आकलन स्वचलित मौसम केन्द्र (एडब्ल्यूएस) द्वारा किया जाएगा। सभी ऋणी एवं अऋणी कृषक जो भी उद्यानिकी फसले ले रहे है, 15 जुलाई 2020 तक लोकसेवा केन्द्र, बैंक शाखा, सहकारी समिति कंपनी के प्रतिनिधि के माध्यम से बीमा करा सकते है। ऋणी कृषक अपने सहकारी, ग्रामीण, वाणिज्यिक बैंक की शाखाओं से सम्पर्क कर नामांकन करा सकते हैं, एवं अऋणी कृषक नक्शा, खसरा एवं पासबुक की प्रति एवं क्षेत्र बुवाई प्रमाण पत्र या बुवाई के आशय का स्वघोषणा पत्र जो क्षेत्रीय राजस्व अधिकारी एवं ग्रामीण उद्यान विस्तार अधिकारी द्वारा सत्यापित हो जमा कर नामांकन करा सकते हैं। जिला में फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन हेतु बजाज एलायंज जनरल इंश्योरेन्स कंपनी लिमिटेड को अधिकृत किया गया हैं। इस संबंध में विस्तृत जानकारी उप संचालक उद्यान कार्यालय अम्बिकापुर या मैदानी क्षेत्रों में पदस्थ उद्यान विकास अधिकारियों से प्राप्त की जा सकती है।      

अम्बिकापुर जिले में अधिसूचित फसलें टमाटर (बीमित राशि 100000, प्रिमियम राशि 5000), बैगन (बीमित राशि 70000, प्रिमीयम राशि 3500), अमरूद (बीमित राशि 40000, प्रिमीयम राशि 2000), केला (बीमित राशि 150000, प्रिमीयम राशि 7500), पपीता (बीमित राशि 110000 , प्रिमीयम राशि 5500), मिर्च (बीमित राशि 80000, प्रिमीयम राशि 4000), अदरक बीमित राशि 130000, प्रिमीयम राशि 6500) है। स्थानीय आपदा ओलावृष्टि की स्थिति में कृषक इसकी सूचना सीधे बीमा कंपनी के टोल फ्री नम्बर 1800-209-5959 पर या लिखित रूप से 72 घंटो के भीतर बीमा कंपनी संबंधित बैंक, स्थानीय उद्यानिकी विभाग एवं जिला अधिकारी को बीमित फसल के ब्यौरे, क्षति की मात्रा तथा क्षति का कारण सहित सूचित कर सकते हैं।

कोविड अस्पताल में 14 कोरोना संक्रमित मरीजों का ईलाज जारी

अम्बिकापुर 27 जून 2020 मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी एवं अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीएस सिसोदिया ने बताया है कि संभागीय कोविड अस्पताल अम्बिकापुर में 27 जून की स्थिति में सरगुजा जिले के 8 और बलरामपुर जिले के 6 मरीज कोविड अस्पताल अम्बिकापुर में भर्ती हैं जिसमें 4 महिला एवं 9 पुरूष शामिल हैं। अब तक कोविड अस्पताल में कुल 210 कोरोना मरीज भर्ती किये गए हैं जिनमें से 196 मरीज पूर्ण रूप से स्वस्थ होकर घर वापस लौट गए हैं। आज किसी भी मरीज का सैम्पल जांच हेतु नही भेजा गया है। भर्ती सभी मरीज एसिम्पटोमेटिक हैं। चिकित्सकों एवं पैरामेडिकल स्टाफ द्वारा मरीजों की सतत् निगरानी कर उपचार किया जा रहा है। मरीजों का बी.पी पल्स एवं ऑक्सीजन सेचूरेशन एवं अन्य वाईटल्स सामान्य है। एक मरीज का उच्च रक्तचाप नियंत्रण में है एवं एक मरीज को ग्लुटेन सैंन्सिटीविटी है उन्हें स्पेशल डाइट दिया जा रहा है।

सरगुजा जिले में अब तक 186.9 मिलीमीटर औसत वर्षा

अम्बिकापुर 27 जून 2020/ भू-अभिलेख कार्यालय अम्बिकापुर से प्राप्त जानकारी के अनुसार सरगुजा जिले में 27 जून 2020 की स्थिति में 186.9 मिलीमीटर औसत वर्षा हुई है। 27 जून को अम्बिकापुर तहसील में 13.7 मिलीमीटर, लुण्ड्रा तहसील में 9.3 मिलीमीटर, सीतापुर तहसील में 1.0 मि.मी., लखनपुर तहसील में 22.2 मि.मी., उदयपुर तहसील में 15.4 मि.मी.,    बतौली तहसील में 6.2 मिलीमीटर तथा मैनपाट तहसील में 5.2 वर्षा दर्ज हुई है। इस प्रकार सरगुजा जिले में 27 जून तक 186.9 मिलीमीटर औसत बारिश हुई है।

जिला आयुर्वेद अस्पताल परिसर में विकसित होगा नवग्रह एवं नक्षत्र वाटिका
कलेक्टर ने किया जिला आयर्वेद अस्पताल का निरीक्षण

अम्बिकापुर 27 जून 2020/ अम्बिकापुर के गंगापुर स्थित जिला आयुर्वेद अस्पताल परिसर में नवग्रह वाटिका एवं नक्षत्र वाटिका विकसित किया जाएगा। नवग्रह वाटिका में नवग्रह से संबंधित पेड़ लगाए जाएंगे ताकि लोगों को जरूरत के समय भटकना न पड़े और सीधे यहां आकर प्रप्त कर सकेंगे। इसी प्रकार 27 नक्षत्रों के प्रतीक के रूप में नक्षत्र वाटिका में भी पौधे लगाए जाएंगे। कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा ने आज जिला अस्पताल के निरीक्षण के दौरान डीएफओ,निगम आयुक्त,जिला आयुर्वेद अधिकारी तथा उद्यान विभाग के अधिकारियो नवग्रह एवं नक्षत्र वाटिका विकसित करने आवश्यक कार्य योजना तैयार करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने नगर निगम आयुक्त से कहा कि दोनों वाटिका विकसित करने के लिए भूमि समतलीकरण कराएं वर्षों का जल निकसिंके लिए आवश्यकतानुसार कलवर्ट का भी निर्माण कराए।
 डीएफओ को वाटिका के लिए पौधे की व्यवस्था तथा उपसंचालक उद्यान को पौधे आवर सिंचाई की व्यवस्था करने कहा। कलेक्टर ने कहा कि नवग्रह वाटिका के लिए 10-10 नवग्रह के पेड़  पर्याप्त दूरी में लगवाएं। पेड़ लगाने के बाद उसे सुरक्षित रखने ट्री गॉर्ड लगाएं और पेड़ का नाम भी लिखाये। इसी प्रकार नक्षत्र वाटिका मे भी सभी 27 नक्षत्रों का नाम के प्रतीक स्वरूप पेड़ लगवाएं। दोनों वाटिकाओं के किनारे में फलदार पौधे लगवाये। कलेक्टर ने कहा कि नवग्रह एवं नक्षत्र वाटिका के अतिरिक्त जमीन शेष रहने पर उसे हर्बल गार्डन के रूप में विकसित करें।हर्बल गार्डन में सभी महत्वपूर्ण ओषधीय पौधे रोपित करें। यहां से प्राप्त आयुर्वेदिक पौधे से स्व सहायता समूह की महिलाओं के द्वारा अर्क निकालने का काम लिया जाएगा।  
कलेक्टर श्री झा ने कहा कि जिस प्रकार सरगुजा जिले का मेडिकल कॉलेज संभाग के प्रति निधि संस्थान है उसी प्रकार जिला आयुर्वेद अस्पताल भी संभाग का प्रतिनिधि संस्थान है। इसे बेहतर रख -रखाव के साथ संचालित करें। आयुर्वेद का मानव जीवन मे महत्वपूर्ण भूमिका है। इसकी महत्ता ने इसे मानवजीवन से अपरिहार्य बना दिया है। प्राचीन काल मे चिकितसा की यही पद्धित रही जो आज भी अनवरत जारी है। आधुनिक चिकत्सा होने के बावजूद लोगों का विश्वास आयुर्वेद के प्रति कायम है।
पंचकर्म यूनिट होगी स्थापित -  कलेक्टर ने जिला अस्पताल के विभिन्न कक्षों का  निरीक्षण  कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने ओपीडी कक्ष, अंतरंग रोगी कक्ष, स्टोर रूम महिला वार्ड का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने पंचकर्म को आयुर्वेद का महत्वपूर्ण अंग बताते हुए यहां इसके लिए अलग से यूनिट स्थापित करने हेतु प्रस्ताव तैयार करने कहा। इसके साथ ही निर्बाध विद्युत व्यवस्था के लिए सोलर पैंनल तथा सफाई की व्यवस्था हेतु स्क्रब मशीन के लिए आवश्यक प्राक्कलन तैयार करने के भी निर्देश दिए। उन्होंने अस्पताल के प्रथम तल में निर्माणाधीन कक्षों का भी निरीक्षण किया और गुणवत्तापूर्ण एवं समय पर निर्माण कार्य पूरा कराने के निर्देश सीजीएमएससी के अधिकारियों को दिए।
निरीक्षण के दौरान जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री कुलदीप शर्मा, वनमण्डलाधिकारी श्री पंकज कमल, नगर निगम आयुक्त श्री हरेश मण्डावी, जिला आयुर्वेद अधिकारी डाॅ. आरके द्विवेदी, उप संचालक उद्यान श्री केएस पैंकरा, विशेषज्ञ चिकित्सक डाॅ. डी.के.जायसवाल, आयुर्वेद चिकित्सा अधिकारी के.डी. मिश्रा सहित अन्य अधिकारी मौजूद थे।

मैनपाट के पैगा, सुपलगा में चला हडिया तोड़ अभियान, संयुक्त टीम की छापेमारी में 25 घरों में मिला हडिया

अम्बिकापुर 27 जून 2020 कलेक्टर श्री संजीव कुमार झा के निर्देशानुसार दुर्गम एवं आदिवासी बाहुल्य क्षेत्रों में हडिया, महुआ शराब एवं बासी भोजन सहित खुखड़ी के प्रयोग पर प्रतिबंध लगाने अभियान चलाया जा रहा है।

इसी क्रम में आज मैनपाट जनपद के दुर्गम क्षेत्र पैगा एवं सुपलगा ग्राम में अनुविभागीय दण्ड़ाधिकारी सीतापुर सुश्री दीपिका नेताम के नेतृत्व में स्वास्थ्य, राजस्व एवं पुलिस विभाग की संयुक्त टीम के द्वारा हडिया तोडने छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान 25 घरों से हडिया को निकालकर बस्ती से दूर फेंकवाया गया। संयुक्त टीम द्वारा इस कार्यवाही के दौरान लोगों को समझाईश दी गई कि हडिया, शराब, बासी भोजन तथा जहरीला खुखड़ी का सेवन बारिश मौसम में करने से उल्टी-दस्त सहित अन्य प्रकार के बीमारी होती हैं। उन्होंने लोगों को बताया कि बारिश में ढ़ोढी के पानी को उबालकर पीएं तथा ताजे भोजन का ही प्रयोग करें। सर्दी, बुखार सहित अन्य बीमारी हो तो तत्काल मितानिन को सूचित करें और अस्पताल आकर चिकित्सक को बताएं। चिकित्सक द्वारा दिए गए दवाई का पूरा खुराक लें।

सुश्री दीपिका नेताम ने बताया कि कुछ दिन ही पूर्व ही खाद्य मंत्री एवं कलेक्टर के द्वारा बैठक लेकर हडिया एवं शराब को घरों से निकालकर तोड़ने हेतु अभियान चलाने कहा गया था जिसके परिपालन में आज मैनपाट में शुरू किया गया है और यह अभियान निरंतर जारी रहेगा।