वन क्षेत्रपाल प्रान्तीय सम्मेलन

वन विभाग पर भी प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी-मुख्यमंत्री डॉ. सिंह

छत्तीसगढ़ फारेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन का प्रान्तीय सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह आयोजित
रायपुर, 22 फरवरी 2008 मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने कहा है कि वन विभाग छत्तीसगढ़ के सबसे बड़े भू-भाग पर काम करने वाला विभाग है।

इस विभाग के अधिकारी-कर्मचारी अनेक कठिन चुनौतियों का सामना करते हुए कर्तव्यनिष्ठा और ईमानदारी के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वाह कर रहे हैं। वन विभाग पर भी प्रदेश के विकास की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। मुख्यमंत्री ने आज यहां पंडित जवाहरलाल नेहरू चिकित्सा महाविद्यालय के सभागार में आयोजित छत्तीसगढ़ फारेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन के प्रांतीय सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह को संबोधित करते हुए इस आशय के विचार व्यक्त किए। मुख्यमंत्री ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फारेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन की विभिन्न मांगों पर सहानुभूतिपूर्वक विचार करने का आश्वासन दिया। वन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने समारोह की अध्यक्षता की। छत्तीसगढ़ राज्य खनिज विकास निगम के अध्यक्ष श्री गौरीशंकर अग्रवाल, राज्य कृषि एवं बीज विकास निगम के पूर्व अध्यक्ष श्री धरम कौशिक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक श्री आर.के. शर्मा विशेष अतिथि के रूप में समारोह में उपस्थित थे।

मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने समारोह को संबोधित करते हुए कहा कि वन क्षेत्रपालों की वेतन विसंगतियों को दूर करने के लिए रास्ता निकालने शासन स्तर पर चर्चा हो चुकी है। वन क्षेत्रपालों की समस्याओं का जल्द समुचित हल निकाला जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह ने इस अवसर पर छत्तीसगढ़ फारेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन के पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी के सदस्यों को शपथ दिलायी। मुख्यमंत्री ने एसोसिएशन द्वारा प्रांतीय सम्मेलन एवं शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर प्रकाशित स्मारिका का विमोचन भी समारोह में किया।

वन मंत्री श्री बृजमोहन अग्रवाल ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई एवं शुभकामनाएं दी। श्री अग्रवाल ने कहा कि प्रदेश के वन क्षेत्रों के आस-पास स्थित लगभग दस हजार गांवों के निवासियों की आजीविका वनों पर निर्भर है। इन वनवासियों की खुशहाली और वनों की सुरक्षा की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों विशेष रूप से वन क्षेत्रपालों पर है। राज्य सरकार द्वारा वनवासियों के जीवन स्तर में सुधार लाने के लिए संचालित विभिन्न योजनाओं के क्रियान्वयन के दायित्वों का निर्वहन वन क्षेत्रपालों द्वारा किया जाता है। श्री अग्रवाल ने बताया कि प्रदेश सरकार ने वनवासियों के हित में तेन्दूपत्ता और साल-बीज की संग्रहण दर में पिछले चार वर्षों में उल्लेखनीय वृध्दि की है। तेन्दूपत्ता संग्राहकों को चरण-पादुका वितरण का ऐतिहासिक निर्णय भी इसी सरकार का ही है। श्री अग्रवाल ने कहा कि वन अधिकार अधिनियम के तहत वनवासियों को वन अधिकार पत्र वितरण के कार्य में मैदानी स्तर पर वन क्षेत्रपाल अपनी भूमिका का निर्वहन जिम्मेदारी के साथ करेंगे। उन्होंने वन क्षेत्रपालों से कहा कि वे राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना के तहत वन क्षेत्रों में सार्वजनिक विकास के अधिक से अधिक कार्य कराने का प्रयास करें।

समारोह में छत्तीसगढ़ फारेस्ट रेंजर्स एसोसिएशन के नवनिर्वाचित प्रान्ताध्यक्ष श्री जयजीत आचार्य तथा प्रांतीय महामंत्री श्री राकेश मिश्रा ने वन क्षेत्रपालों के वेतनमान, क्रमोन्नति और पदोन्नति के संबंध में अपनी बात रखी। वन विभाग के अनेक वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश भर से आए वन क्षेत्रपाल उपस्थित थे।