खरीफ कृषि आदान व्यवस्था बारिश पूर्व समीक्षा

खेती किसानी मानसून पर सरकारी तैय्यारी - सोसायटी स्तर पर बारिश के पहले सुनिश्चित करें खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण : डॉ. रमन सिंह

स्वाइल हेल्थ कार्ड की अनुशंसा के अनुसार हो उर्वरकों का उपयोग

किसानों को शून्य ब्याज दर पर अब तक वितरित किया गया 1407 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण 

मुख्यमंत्री ने की खरीफ कृषि आदान व्यवस्था की समीक्षा 

नारायणपुर में खुलेगा नवीन कृषि महाविद्यालय और राजनांदगांव में नवीन वेटनरी पॉलिटेक्निक 

प्रधानमंत्री कृषि बीमा योजना में कुल कृषि क्षेत्र का 49 प्रतिशत क्षेत्र शामिल

प्रदेश में 43 लाख से अधिक स्वाइल हेल्थ कार्ड का वितरण

प्रदेश में खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण 

रायपुर, 20 जून 2017

छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के नारायणपुर जिला मुख्यालय में इस वर्ष कृषि महाविद्यालय और राजनांदगांव में नवीन वेटनरी पॉलीटेक्निक प्रारंभ किया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह की अध्यक्षता में आज यहां मंत्रालय (महानदी भवन) में आयोजित खरीफ मौसम के लिए कृषि आदान एवं ऋण व्यवस्था तथा कृषि विभाग की समीक्षा बैठक में यह जानकारी दी गई। मुख्यमंत्री ने प्रदेश में किसानों को वितरित किए गए स्वाइल हेल्थ कार्ड की अनुशंसाओं के अनुसार खेतों में उर्वरकों के संतुलित उपयोग को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बतायी हैै। बैठक में उन्होंने कहा कि इसके लिए किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड के आंकड़ों के विश्लेषण और उसकी अनुशंसा के अनुसार उर्वरकों के उपयोग के लिए प्रशिक्षण दिया जाना चाहिए। उल्लेखनीय है कि प्रदेश में 38 लाख 90 हजार किसानों को मिट्टी परीक्षण कार्ड वितरित करने के लक्ष्य के विरुद्ध अब तक 43 लाख से अधिक कार्ड किसानों को  वितरित किए जा चुके हैं। इस उपलब्धि के लिए केन्द्र सरकार ने भी छत्तीसगढ़ की सराहना की है। 
मुख्यमंत्री ने प्रदेश में जैविक खेती को प्रोत्साहित करने और विभिन्न फसलों के जैविक बीज उत्पादन को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिन क्षेत्रों में जैविक फसलंे ली जा रही है। वहां उत्पादों के ब्रिकी के लिए दुकानंे चिन्हित कर विभाग की वेबसाइट पर जानकारी अपलोड की जाए, जिससे जैविक उत्पाद खरीदने वालो को सुविधा हो सके। बैठक में जानकारी दी गयी कि प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के क्रियान्वयन में छत्तीसगढ़ को महत्वपूर्ण सफलता मिली है। इस योजना के क्रियान्वयन के एक वर्ष की अवधि में ही प्रदेश के कुल कृषि क्षेत्र का 49 प्रतिशत क्षेत्र इस योजना में शामिल कर लिया गया है, जबकि इस योजना के प्रावधानों में योजना के प्रारंभ होने के तीन वर्ष के अंदर कुल कृषि क्षेत्र के 50 प्रतिशत क्षेत्र को कव्हर करने का लक्ष्य दिया गया है। बैठक में अधिकारियों ने बताया कि प्रधानमंत्री बीमा योजना में 22 लाख 87 हजार हेक्टेयर से अधिक कृषि भूमि को शामिल किया गया है। बीमा योजना में 14 लाख से अधिक किसानों का फसल बीमा किया गया है। 
मुख्यमंत्री ने बैठक में कहा कि सोसायटी स्तर पर खाद-बीज का पर्याप्त भण्डारण बारिश प्रारंभ होने के पहले सुनिश्चिित कर लिया जाए। यदि कही कोई दिक्कत आती है तो राजधानी से वरिष्ठ अधिकारी जाकर समस्या का तत्काल निराकरण करें। अधिकारियों ने बताया कि पिछले खरीफ मौसम में फसलों का क्षेत्राच्छादन 47.91 लाख हेक्टेयर में किया गया था। इस वर्ष लगभग 48 लाख हेक्टेयर में खरीफ फसल क्षेत्राच्छादन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अधिकारियों ने बताया कि प्रदेश में खाद-बीज का पर्याप्त मात्रा में भण्डारण है। वर्तमान में पांच लाख 85 हजार क्विंटल से अधिक मात्रा में खरीफ फसलों के बीजों का भण्डारण है। इनमें धान, मक्का, अरहर और सोयाबीन के बीज शामिल है। अब तक तीन लाख 26 हजार क्विंटल से अधिक बीज का वितरण किया जा चुका है। इसी तरह खरीफ फसलों के लिए प्रदेश में छह लाख 84 हजार मेट्रिक टन उर्वरक का भण्डारण है जिसमें से तीन लाख 16 हजार मेट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है। बैठक में बताया गया कि खरीफ वर्ष 2016 में किसानों को शून्य ब्याज दर पर 2855 करोड़ रूपए का अल्पकालीन कृषि ऋण वितरित किया गया था। इस वर्ष किसानों को 3200 करोड़ रूपए के कृषि ऋण वितरण का लक्ष्य है। अब तक 1407 करोड़ रूपए से अधिक राशि के ऋण वितरण किया जा चुका है। रबी फसलों के लिए वर्ष 2016-17 में 456 करोड़ रूपए से अधिक राशि का ऋण किसानों को वितरित किया गया था। कृषि ऋण वसूली की समीक्षा के दौरान बताया गया कि पिछले दस महिनों में कुल मांग के विरूद्ध 70.81 प्रतिशत ऋण की वसूली कर ली गयी है। मुख्यमंत्री ने अम्बिकापुर में कम ऋण वसूली होने पर अप्रसन्नता जाहिर की। उन्होंने इसके लिए जिम्मेदार अधिकारी के विरूद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाही के निर्देश दिए। बैठक में कृषि सहित उद्यानिकी, पशुधन विकास, मत्स्य विभाग की योजनाओं की समीक्षा की गई। इंदिरा गांधी कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. एस.के. पाटिल और कामधेनु विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. यू.के. मिश्रा ने विश्वविद्यालयों की उपब्धियों और प्रस्तावित योजनाओं के बारे में जानकारी दी। डॉ. पाटिल ने बताया कि इस वर्ष नेट परीक्षा में विश्वविद्यालय के 153 छात्रों ने सफलता पायी है। बैठक में मुख्य सचिव श्री विवेक ढांड, अपर मुख्य सचिव श्री एम.के. राउत, मुख्यमंत्री के सचिव श्री सुबोध कुमार सिंह, कृषि विभाग के सचिव श्री अनूप श्रीवास्तव, सहकारिता विभाग के सचिव श्री डी.डी. सिंह सहित विभाग के वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित थे।